5D / 4N
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Andaman Family Holiday For 4 Nights 5 Days
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₹23,574
₹18,990 /pp
अंडमान की सबसे लोकप्रिय जगहें हैं हैवलॉक (स्वराज) द्वीप का राधानगर और एलिफेंट बीच, नील (शहीद) द्वीप, पोर्ट ब्लेयर की सेल्युलर जेल, बारातंग की चूना पत्थर गुफाएँ, रॉस द्वीप और नॉर्थ बे। घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मई है, और मुख्य सर्किट के लिए 5 से 6 दिन काफ़ी हैं। नीचे पूरी सूची में 30 जगहें उनकी दूरी, खासियत और घूमने के सही समय के साथ दी गई हैं।
एक नज़र में मुख्य बातें
अंडमान और निकोबार 572 द्वीपों का समूह है, जो सफ़ेद रेत वाले बीच, मैंग्रोव और उष्णकटिबंधीय वर्षावनों के लिए जाना जाता है। यहाँ आप शांत छुट्टी भी बिता सकते हैं और स्कूबा डाइविंग जैसा रोमांच भी कर सकते हैं। इस गाइड में 30 चुनिंदा जगहें क्रम से दी गई हैं, हर एक की दूरी, खासियत और घूमने की सलाह के साथ, ताकि आप अपनी पसंद के हिसाब से यात्रा बना सकें।
अंडमान और निकोबार 572 द्वीपों का समूह है, जो सफ़ेद रेत वाले बीच, मैंग्रोव और उष्णकटिबंधीय वर्षावनों के लिए जाना जाता है। यहाँ आप शांत छुट्टी भी बिता सकते हैं और स्कूबा डाइविंग जैसा रोमांच भी कर सकते हैं। इस गाइड में 30 चुनिंदा जगहें क्रम से दी गई हैं, हर एक की दूरी, खासियत और घूमने की सलाह के साथ, ताकि आप अपनी पसंद के हिसाब से यात्रा बना सकें।
Top Andaman Nicobar Packages you Must Explore
Best Time
October - May
Select Package Type
| जगह | किसके लिए | पोर्ट ब्लेयर से दूरी | सही समय |
| हैवलॉक (राधानगर, एलिफेंट) | बीच, स्कूबा, सूर्यास्त | ~70 किमी (फेरी) | अक्टूबर से मई |
| नील (शहीद) द्वीप | सुकून, साइकिलिंग, बीच | ~40 किमी (फेरी) | अक्टूबर से मई |
| पोर्ट ब्लेयर | इतिहास, सेल्युलर जेल | राजधानी | पूरे साल |
| बारातंग | गुफाएँ, मैंग्रोव, मड वल्कैनो | ~100 किमी | अक्टूबर से मई |
| नॉर्थ बे | सी वॉक, स्नॉर्कलिंग | ~8 किमी (नाव) | अक्टूबर से मई |
| रॉस द्वीप | इतिहास, खंडहर, हिरण | ~3 किमी (नाव) | पूरे साल |
| चिड़िया टापू | बर्ड वॉचिंग, सूर्यास्त | ~25 किमी | अक्टूबर से मई |
| डिगलीपुर | ट्रेकिंग, कछुए, सैडल पीक | ~290 किमी | अक्टूबर से अप्रैल |
अंडमान आते समय यहाँ की सबसे बेहतरीन जगहों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि आप अपना सफर अच्छी तरह योजना बनाकर यादगार बना सकें। नीचे 30 शीर्ष पर्यटक स्थल क्रम से दिए गए हैं।
पोर्ट ब्लेयर से लगभग 70 किमी दूर समुद्री रास्ते पर बसा यह अंडमान का सबसे लोकप्रिय द्वीप है। सफ़ेद रेत और उष्णकटिबंधीय जंगल के बीच यहाँ स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, सी वॉक और ग्लास बॉटम बोट राइड सब मिलती हैं। पोर्ट ब्लेयर से सरकारी और निजी फेरी 1.5 से 2.5 घंटे में पहुँचाती है। शुरुआती गोताखोरों के लिए डिस्कवर स्कूबा डाइव यहीं सबसे किफ़ायती है।
हैवलॉक द्वीप के पश्चिमी किनारे पर जेटी से करीब 12 किमी दूर यह बीच लंबे समय से एशिया के सबसे सुंदर समुद्र तटों में गिना जाता है। यह पश्चिम की ओर खुलता है, इसलिए सूर्यास्त देखने के लिए दोपहर बाद 4 बजे तक पहुँच जाएँ। पानी शांत और तैरने लायक रहता है, और भीड़ शाम को सबसे ज़्यादा होती है।
दक्षिण एशिया का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी इसी द्वीप पर है, जो पोर्ट ब्लेयर से करीब 135 किमी दूर समुद्र में है। यहाँ उतरना मना है, पर डाइव क्रूज़ और सी-प्लेन राइड से इसका धुआँ उठता नज़ारा ऊपर से देखा जा सकता है। आसपास का समुद्र भारत के बेहतरीन डाइव साइट्स में गिना जाता है।
हैवलॉक पर ही बसा यह शांत बीच फ़ोटोग्राफ़ी और सुबह की सैर के शौकीनों की जगह है। किनारे पर कतार से खड़े महुआ के पेड़ और सुनहरी सुबह की रोशनी इसे भीड़भाड़ वाले राधानगर से अलग बनाती है। सुबह पक्षियों की आवाज़ और हल्की लहरें ही यहाँ का असली आकर्षण हैं।
नील (शहीद) द्वीप का सबसे व्यस्त और परिवार-अनुकूल बीच, जो जेटी से पैदल दूरी पर है। उथला फ़िरोज़ा पानी बच्चों के लिए सुरक्षित है और यहीं ग्लास बॉटम बोट, जेट स्की और स्नॉर्कलिंग की सुविधा मिलती है। पोर्ट ब्लेयर से नील की फेरी करीब 40 किमी का समुद्री सफ़र है।
पोर्ट ब्लेयर से करीब 100 किमी दूर बारातंग सड़क और नाव दोनों से पहुँचा जाता है, और रास्ता जारवा जनजातीय आरक्षित क्षेत्र से होकर काफ़िले में तय होता है। यहाँ की चूना पत्थर की गुफाएँ, मड वल्कैनो और मैंग्रोव सुरंगें इसे एक दिन की सबसे रोमांचक ट्रिप बनाती हैं। सुबह जिरकाटांग चेकपोस्ट का काफ़िला समय पर पकड़ना ज़रूरी है।
लांग आइलैंड पर बसा यह एकांत बीच तैरने और स्नॉर्कलिंग के लिए जाना जाता है। यहाँ पहुँचने के लिए पोर्ट ब्लेयर या रंगत से फेरी और फिर थोड़ा ट्रेक करना पड़ता है, इसलिए भीड़ न के बराबर रहती है। सफ़ेद रेत और शांत लहरें इसे डिजिटल डिटॉक्स के लिए आदर्श बनाती हैं।
अंडमान की राजधानी और प्रवेश द्वार, जहाँ वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और मुख्य फेरी टर्मिनल हैं। सेल्युलर जेल, समुद्रिका म्यूज़ियम और वन संग्रहालय के अलावा यहीं शहर से करीब 7 किमी दूर कॉर्बिन कोव बीच है, जहाँ ताड़ के पेड़ों के बीच साइकलिंग और वाटर स्पोर्ट्स होते हैं। मरीना पार्क और वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परिवारों के लिए शाम बिताने की अच्छी जगह है। ज़्यादातर यात्री यहीं एक या दो रातें रुककर आगे बढ़ते हैं।
पोर्ट ब्लेयर से करीब 25 किमी दक्षिण में बसा यह इलाका स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का घर है, और इसे बर्ड वॉचर्स का स्वर्ग कहा जाता है। सूर्यास्त के समय मुंडा पहाड़ से दिखता नज़ारा अंडमान के सबसे यादगार दृश्यों में है। पास का बायोलॉजिकल पार्क और मैंग्रोव वॉक भी देखने लायक हैं।
पोर्ट ब्लेयर के केंद्र में स्थित यह राष्ट्रीय स्मारक कभी काला पानी की सज़ा का गवाह था। तीन मंज़िला इमारत में सात भुजाएँ स्टारफ़िश की तरह जुड़ी थीं और इनमें कुल 698 कोठरियाँ थीं। शाम को यहाँ हिंदी और अंग्रेज़ी में लाइट एंड साउंड शो होता है, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी सुनाई जाती है। शो का टिकट करीब 300 रुपये (वयस्क) और 150 रुपये (बच्चे) है; समय और भाषा काउंटर पर पहले पुष्टि कर लें।
माउंट हैरियट नेशनल पार्क दक्षिण अंडमान की सबसे ऊँची चोटियों में है, और यहाँ से मधुबन तक करीब 16 किमी का नेचर ट्रेक है। रास्ते में तितलियाँ, दुर्लभ पक्षी और घने जंगल मिलते हैं, और हाथी सफ़ारी का विकल्प भी रहता है। पुराने 20 रुपये के नोट पर छपा दृश्य इसी चोटी से लिया गया माना जाता है।
पोर्ट ब्लेयर से करीब 8 किमी की नाव यात्रा पर बसा यह बीच अंडमान का सबसे व्यस्त वाटर स्पोर्ट्स केंद्र है। यहाँ सी वॉक में काँच का हेलमेट पहनकर समुद्र की तलहटी पर चला जाता है और रंगीन मछलियों के बीच का ऑक्टोपस गार्डन देखा जाता है। स्नॉर्कलिंग और ग्लास बॉटम बोट राइड भी यहीं सबसे सुलभ हैं।
वंडूर से करीब 29 किमी दूर फैला यह समुद्री राष्ट्रीय उद्यान 15 द्वीपों, वर्षावनों और लगभग 50 तरह की मूंगा चट्टानों को समेटे है। जॉली बॉय और रेड स्किन द्वीप तक ग्लास बॉटम बोट और स्नॉर्कलिंग टूर यहीं से चलते हैं। यह पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए वन विभाग की अनुमति ज़रूरी है।
उत्तरी अंडमान का सबसे बड़ा कस्बा, पोर्ट ब्लेयर से करीब 290 किमी सड़क मार्ग पर है। यहाँ अंडमान की सबसे ऊँची चोटी सैडल पीक, कछुओं के घोंसले वाला कालीपुर बीच और अलफ़्रेड गुफाएँ हैं। प्रकृति और ट्रेकिंग पसंद करने वालों के लिए यह इलाका मुख्य पर्यटक भीड़ से दूर एक शांत अनुभव देता है।
पोर्ट ब्लेयर से महज़ 3 किमी की नाव दूरी पर यह कभी ब्रिटिश प्रशासन का केंद्र था और इसे पूर्व का पेरिस कहा जाता था। 1941 के भूकंप और युद्ध के बाद अब यहाँ जड़ों में लिपटी औपनिवेशिक इमारतों के खंडहर बचे हैं, जिनके बीच हिरण और मोर घूमते हैं। शाम का लाइट एंड साउंड शो इसके इतिहास को जीवंत कर देता है।
पोर्ट ब्लेयर से करीब 40 किमी दूर यह छोटा, हरा-भरा द्वीप सुकून भरी छुट्टी के लिए है। यहाँ का प्राकृतिक चट्टानी पुल (नैचुरल ब्रिज), लक्ष्मणपुर और सीतापुर बीच इसकी पहचान हैं। साइकिल किराए पर लेकर पूरा द्वीप घूमा जा सकता है, और यह हैवलॉक के मुक़ाबले काफ़ी शांत है।
हैवलॉक द्वीप पर बसा यह बीच स्नॉर्कलिंग और शुरुआती स्कूबा डाइविंग के लिए सबसे मशहूर है, क्योंकि जीवंत मूंगा चट्टानें किनारे के बहुत पास हैं। हैवलॉक जेटी से यहाँ स्पीड बोट से करीब आधे घंटे में या छोटे जंगल ट्रेक से पहुँचा जाता है। कम गहराई में ही रंगीन समुद्री जीवन दिख जाता है।
पोर्ट ब्लेयर शहर में स्थित यह संग्रहालय अंडमान के जंगलों और लकड़ी शिल्प को दिखाता है। यहाँ पडौक, सैटिनवुड और मार्बलवुड जैसी दुर्लभ लकड़ियों की कलाकृतियाँ रखी हैं, और साथ में एक छोटा प्राणी उद्यान भी है। इतिहास और प्रकृति में रुचि रखने वालों के लिए यह एक शांत, जानकारी भरा पड़ाव है।
दक्षिण और उत्तर सिंक्वे में बँटा यह निर्जन द्वीप महात्मा गांधी मरीन नेशनल पार्क का हिस्सा है और स्कूबा डाइविंग के लिए जाना जाता है। एक रेत की पट्टी दोनों हिस्सों को जोड़ती है, जो ज्वार के साथ डूबती-उभरती रहती है। यहाँ रात रुकना और उतरना दोनों वन विभाग की अनुमति पर निर्भर हैं।
मध्य अंडमान का यह छोटा द्वीप अपनी हरियाली और शांति के लिए जाना जाता है और यह नो-प्लास्टिक ज़ोन है। लालाजी बे और मर्क बे इसके सबसे सुंदर बीच हैं, जहाँ पैदल या डोंगी से पहुँचा जाता है। यहाँ कोई शोरगुल नहीं, बस जंगल, समुद्र और गिनी-चुनी रिहाइश है।
महात्मा गांधी मरीन नेशनल पार्क का यह द्वीप साफ़ पानी और जीवित मूंगा चट्टानों के लिए मशहूर है, और यह भी नो-प्लास्टिक ज़ोन है। यहाँ ग्लास बॉटम बोट और स्नॉर्कलिंग से रंगीन प्रवाल भित्ति देखी जाती है। पर्यावरण की रक्षा के लिए हर दिन सीमित पर्यटकों को ही अनुमति मिलती है, इसलिए परमिट पहले से लें।
पोर्ट ब्लेयर के पास बसे इस द्वीप का नाम यहाँ पाए जाने वाले वाइपर साँपों से पड़ा। द्वीप पर पुराने फाँसीघर और जेल के खंडहर हैं, जहाँ अंग्रेज़ी शासन में राजनीतिक कैदियों को रखा जाता था। रॉस द्वीप के साथ इसे अक्सर एक ही हार्बर टूर में जोड़ा जाता है।
भारतीय नौसेना द्वारा संचालित यह संग्रहालय पोर्ट ब्लेयर में है और अंडमान की समुद्री जैव विविधता को पाँच खंडों में दिखाता है। यहाँ शंख, मूंगे, समुद्री जीव और द्वीपों की भूगर्भीय कहानी करीने से रखी गई है। बच्चों और पहली बार आने वाले यात्रियों के लिए यह अंडमान को समझने की अच्छी शुरुआत है।
उत्तरी अंडमान में डिगलीपुर के पास बसे ये दो जुड़वां द्वीप रेत की एक प्राकृतिक पट्टी (सैंडबार) से जुड़े हैं, जो कम ज्वार में उभरती है और आप एक से दूसरे तक पैदल जा सकते हैं। यह भारत के गिने-चुने ट्विन-आइलैंड नज़ारों में है। यहाँ पहुँचने के लिए डिगलीपुर से नाव और वन विभाग का परमिट चाहिए।
हैवलॉक द्वीप के दक्षिण-पूर्व में बसा यह छोटा बीच काली चट्टानों और चमकती सफ़ेद रेत के मेल के लिए जाना जाता है। भीड़ से दूर यह शांत बैठने और साफ़ पानी निहारने की जगह है। हैवलॉक घूमते हुए राधानगर और एलिफेंट बीच के साथ इसे आसानी से जोड़ा जा सकता है।
बारातंग द्वीप पर बनी ये प्राकृतिक चूना पत्थर की गुफाएँ हज़ारों साल में तलछट से बनी हैं। इन तक पहुँचने का रास्ता मैंग्रोव सुरंगों से नाव और फिर छोटे ट्रेक से होकर जाता है, जो अपने-आप में एक अनुभव है। गुफाओं के भीतर बनी स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट आकृतियाँ देखने लायक हैं।
पोर्ट ब्लेयर से करीब 120 किमी दक्षिण में बसा यह द्वीप सर्फ़िंग, झरनों और शांत बीचों के लिए जाना जाता है। बटलर बे और कालापत्थर जैसे बीच और व्हाइट सर्फ़ व वाइटफ़ॉल झरने यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। यहाँ जाने के लिए परमिट और लंबी फेरी यात्रा दोनों की योजना पहले से बनानी पड़ती है।
नील (शहीद) द्वीप पर बसा यह चौड़ा, सफ़ेद रेत वाला बीच सूर्यास्त के लिए मशहूर है। कम ज्वार में यहाँ प्रवाल और शंख बिखरे मिलते हैं, और पास ही प्रसिद्ध नैचुरल रॉक ब्रिज है। शाम का सुनहरा नज़ारा नील द्वीप की सबसे लोकप्रिय तस्वीरों में से एक है।
नील द्वीप के पूर्वी छोर पर बसा यह बीच सनराइज़ बीच के नाम से जाना जाता है। सूर्योदय के समय सुनहरी रेत और फ़िरोज़ा पानी का दृश्य इसे सुबह जल्दी उठने लायक बना देता है। आसपास खाने-पीने के छोटे विकल्प भी मिल जाते हैं।
मध्य अंडमान में रंगत के पास बसा यह इको-फ़्रेंडली बीच प्रकृति प्रेमियों के लिए है। यहाँ लकड़ी के लट्ठों से बना इको-पार्क और समुद्री कछुओं के संरक्षण की जगह है। भीड़ से दूर, यह पोर्ट ब्लेयर से डिगलीपुर के रास्ते में रुकने की शांत जगह है।

दूरियाँ अनुमानित हैं और मौसम व फेरी शेड्यूल के अनुसार बदल सकती हैं। द्वीपों के बीच का सफ़र समुद्री मार्ग से होता है, इसलिए दिन की योजना फेरी टाइमिंग देखकर बनाएँ।
| क्रम | जगह | दूरी (किमी) | कैसे पहुँचें |
| 1 | हैवलॉक द्वीप | लगभग 70 (समुद्री) | फेरी 1.5 से 2.5 घंटे |
| 2 | राधानगर बीच | हैवलॉक पर, जेटी से ~12 | सड़क/टैक्सी |
| 3 | बैरन द्वीप | लगभग 135 (समुद्री) | डाइव क्रूज़ / सी-प्लेन |
| 5 | भरतपुर बीच (नील) | लगभग 40 (समुद्री) | फेरी, नील जेटी पर |
| 6 | बारातंग द्वीप | लगभग 100 (सड़क+नाव) | जिरकाटांग काफ़िला |
| 8 | पोर्ट ब्लेयर | 0 (राजधानी) | हवाई अड्डा व टर्मिनल |
| 9 | चिड़िया टापू | लगभग 25 (सड़क) | टैक्सी, दक्षिण अंडमान |
| 10 | सेल्युलर जेल | पोर्ट ब्लेयर में | शहर के केंद्र में |
| 12 | नॉर्थ बे बीच | लगभग 8 (समुद्री) | पोर्ट ब्लेयर से नाव |
| 14 | डिगलीपुर | लगभग 290 (सड़क) | उत्तरी अंडमान |
| 16 | नील आइलैंड | लगभग 40 (समुद्री) | फेरी, पोर्ट ब्लेयर से |
| 27 | छोटा अण्डमान | लगभग 120 (समुद्री) | लंबी फेरी + परमिट |
| 30 | अमकुंज बीच | लगभग 170 (सड़क/फेरी) | रंगत के पास |

अंडमान घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मई है, जब आसमान साफ़ रहता है, समुद्र शांत होता है और वाटर स्पोर्ट्स आसानी से चलते हैं। दिसंबर और जनवरी में पर्यटकों की भीड़ सबसे ज़्यादा होती है, इसलिए होटल और फेरी कई हफ़्ते पहले बुक कर लें। जून से सितंबर का मानसून भारी बारिश लाता है और तेज़ लहरों के कारण कई फेरी रद्द हो सकती हैं, हालाँकि इस दौरान भीड़ कम और कीमतें कम रहती हैं।

अंडमान का मुख्य द्वार पोर्ट ब्लेयर का वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जहाँ चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु से सीधी फ्लाइट्स आती हैं। चेन्नई, कोलकाता और विशाखापत्तनम से पैसेंजर शिप भी चलते हैं, जो 3 से 4 दिन लेते हैं और पहले से बुक करने पड़ते हैं। पोर्ट ब्लेयर से हैवलॉक और नील के लिए सरकारी और निजी फेरी चलती हैं, जिन्हें पीक सीज़न में ऑनलाइन पहले बुक करना ज़रूरी है।
परमिट की बात करें तो भारतीय नागरिकों को अंडमान के मुख्य द्वीपों के लिए किसी परमिट की ज़रूरत नहीं है। जॉली बॉय, महात्मा गांधी मरीन पार्क और कुछ पारिस्थितिक द्वीपों के लिए वन विभाग की अनुमति चाहिए, जो अक्सर टूर पैकेज में शामिल रहती है। विदेशी नागरिकों को आगमन पर पंजीकरण कराना होता है, और नॉर्थ सेंटिनल जैसे जनजातीय द्वीप पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

अंडमान के मुख्य सर्किट (पोर्ट ब्लेयर, हैवलॉक और नील) के लिए 5 से 6 दिन पर्याप्त हैं। बारातंग की लाइमस्टोन गुफाएँ, डिगलीपुर या लॉन्ग आइलैंड जोड़ने पर 7 से 8 दिन की योजना बनाएँ। खर्च की बात करें तो 5 से 6 दिन की ट्रिप पर प्रति व्यक्ति लगभग 25,000 से 45,000 रुपये का अनुमान रखें, जो होटल श्रेणी, फेरी क्लास और वाटर स्पोर्ट्स पर निर्भर करता है। यह अनुमान फ्लाइट किराए के अलावा है, और मानसून व ऑफ-सीज़न में कीमतें कम हो जाती हैं।

अंडमान वाटर स्पोर्ट्स के लिए भारत की सबसे अच्छी जगहों में है। यहाँ हैवलॉक की एलिफेंट बीच और नॉर्थ बे पर स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, सी वॉक (काँच के हेलमेट में समुद्र की तलहटी पर चलना), ग्लास बॉटम बोट राइड, जेट स्की और पैरासेलिंग मिलती हैं। मैंग्रोव क्रीक और शांत खाड़ियों में कयाकिंग का चलन तेज़ी से बढ़ा है, जो सूर्यास्त और रात की बायोलुमिनसेंस टूर के लिए लोकप्रिय है। शुरुआती लोगों के लिए प्रशिक्षित गाइड के साथ डिस्कवर स्कूबा डाइव सबसे लोकप्रिय विकल्प है, जिसमें तैरना आना ज़रूरी नहीं।
अंडमान की 30 जगहें बीच, इतिहास और समुद्री रोमांच का ऐसा मेल हैं जो कहीं और मुश्किल से मिलता है। अगर आप पूरी योजना एक जगह बनाना चाहते हैं, तो हमारे अंडमान टूर पैकेज देखें, जिनमें फ्लाइट, होटल, फेरी और वाटर स्पोर्ट्स सब शामिल किए जा सकते हैं। और पूरे द्वीप की विस्तृत जानकारी के लिए हमारी अंडमान टूरिज़्म गाइड पढ़ें।
यही गाइड अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए देखें: Places To Visit In Andaman।
अंडमान की यात्रा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए: अंडमान पर्यटन (आधिकारिक)।
हैवलॉक (स्वराज) द्वीप, नील (शहीद) द्वीप और बारातंग सबसे लोकप्रिय हैं। हैवलॉक बीच और डाइविंग के लिए, नील सुकून और साइकिलिंग के लिए, और बारातंग लाइमस्टोन गुफाओं व मैंग्रोव के लिए जाना जाता है। पहली बार आने वाले यात्री आमतौर पर पोर्ट ब्लेयर, हैवलॉक और नील का सर्किट चुनते हैं।
अंडमान अपने सफ़ेद रेत वाले बीच, साफ़ फ़िरोज़ा पानी, जीवित मूंगा चट्टानों और समृद्ध समुद्री जीवन के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग और सी वॉक जैसी वाटर एक्टिविटीज़ के साथ-साथ सेल्युलर जेल जैसा स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास भी है। यह शांत छुट्टी और रोमांच दोनों के लिए आदर्श है।
अक्टूबर से मई तक का समय अंडमान घूमने के लिए सबसे अच्छा है, जब मौसम सुहावना और समुद्र शांत रहता है। दिसंबर और जनवरी में पर्यटकों की भीड़ चरम पर होती है, इसलिए होटल और फेरी पहले बुक करें। जून से सितंबर के मानसून में भारी बारिश से कई फेरी रद्द हो सकती हैं।
पोर्ट ब्लेयर सबसे लोकप्रिय आधार है, जहाँ से सेल्युलर जेल, कॉर्बिन कोव बीच, चिड़िया टापू और महात्मा गांधी मरीन नेशनल पार्क आसानी से घूमे जाते हैं। यहीं से हैवलॉक और नील की फेरी भी चलती है। ज़्यादातर यात्री पोर्ट ब्लेयर को शुरुआती और अंतिम पड़ाव बनाते हैं।
ताज एक्सोटिका (हैवलॉक), सिम्फनी समर सैंड्स, फॉर्च्यून रिज़ॉर्ट बे आइलैंड और पाम ग्रोव जैसे होटल-रिज़ॉर्ट यहाँ के जाने-माने विकल्पों में हैं। बजट से लेकर लक्ज़री तक हर श्रेणी में ठहरने की जगह मिलती है। पीक सीज़न (दिसंबर से जनवरी) में कमरे कई हफ़्ते पहले बुक करना बेहतर है।
पोर्ट ब्लेयर, हैवलॉक और नील के मुख्य आकर्षण देखने के लिए 5 से 6 दिन पर्याप्त हैं। अगर आप बारातंग की लाइमस्टोन गुफाएँ, डिगलीपुर या लॉन्ग आइलैंड भी जोड़ना चाहते हैं तो 7 से 8 दिन की योजना बनाएँ। फेरी यात्राओं में समय लगता है, इसलिए दिन थोड़े खुले रखें।
5 से 6 दिन की ट्रिप पर प्रति व्यक्ति लगभग 25,000 से 45,000 रुपये का अनुमान रखें, जो होटल श्रेणी, फेरी क्लास और वाटर स्पोर्ट्स पर निर्भर करता है। इसमें फ्लाइट किराया शामिल नहीं है। बजट यात्रा और पीक सीज़न लक्ज़री ट्रिप की लागत में बड़ा अंतर आ सकता है।
अंडमान पहुँचने का मुख्य द्वार पोर्ट ब्लेयर का वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जहाँ चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु से सीधी फ्लाइट्स आती हैं। चेन्नई, कोलकाता और विशाखापत्तनम से पैसेंजर शिप भी चलते हैं, जो 3 से 4 दिन लेते हैं। हैवलॉक और नील के लिए पोर्ट ब्लेयर से सरकारी और निजी फेरी पहले से बुक करें।
सेल्युलर जेल में हर शाम हिंदी और अंग्रेज़ी में अलग-अलग समय पर लाइट एंड साउंड शो होता है, जिसमें जेल का इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी दिखाई जाती है। टिकट करीब 300 रुपये (वयस्क) और 150 रुपये (बच्चे) होता है। सही समय, भाषा और मौजूदा दर काउंटर पर पहुँचकर पुष्टि कर लें, क्योंकि मौसम के अनुसार शो बदल सकता है।
भारतीय नागरिकों को अंडमान के मुख्य द्वीपों (पोर्ट ब्लेयर, हैवलॉक, नील) के लिए किसी परमिट की ज़रूरत नहीं है। जॉली बॉय, महात्मा गांधी मरीन पार्क और कुछ पारिस्थितिक द्वीपों के लिए वन विभाग की अनुमति लेनी होती है, जो टूर के साथ मिल जाती है। नॉर्थ सेंटिनल जैसे जनजातीय द्वीप पूरी तरह प्रतिबंधित हैं और विदेशी नागरिकों को आगमन पर पंजीकरण कराना होता है।